फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू की दहशत : घरेलू नुस्खे भी आजमा रहे हैं मरीज, बढ़ी बकरी के दूध और कीवी की कीमत

Fri, 30 Aug 2019 11:29 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन

डेंगू बुखार की दहशत के चलते मरीज घरेलू नुस्खे भी खूब अपना रहे हैं। बकरी के दूध से लेकर कीवी और गिलोय तक का सेवन भी करने लगे हैं। इसका असर बकरी के दूध और कीवी फल के बाजार पर भी नजर आने लगा है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि बकरी दूध और गिलोय का सेवन डेंगू मरीज की सेहत भी बिगाड़ सकता है। 

विज्ञापन


डेंगू से बचने के लिए लोग तमाम तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं। बकरी के दूध से लेकर पपीते की पत्तियों के रस और गिलोय का काढ़ा तक भी पीने लगे हैं। खासकर बकरी के दूध की खरीदारी ज्यादा हो रही है। लोगों में यह धारणा है कि बकरी के दूध, गिलोय और पपीते की पत्तियों के रस से डेंगू के मरीज को फायदा मिलता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही खून में प्लेटलेट्स की मात्रा भी तेजी से बढ़ने लगती है।

Trending Videos

ऑनलाइन साइट पर भी कर रहे सर्च

गिलोय और पपीते की पत्तियों के लिए जहां लोग पंसारी की दुकानों पर संपर्क कर रहे हैं, वहीं मंडी और सब्जी बाजार से कीवी फल खरीद रहे हैं। बकरी के दूध के लिए बकरी पालने वालों के अलावा ऑनलाइन साइट पर भी इसकी खरीद के लिए सर्च किया जा रहा है।

कई लोग बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स में भी बकरी के दूध की उपलब्धता के बारे में पूछ रहे हैं। बकरी का दूध जो आमतौर पर 35 से 50 रुपये प्रतिलीटर तक मुश्किल से बिक पाता है आजकल वह 500 रुपये प्रति लीटर तक बमुश्किल मिल पा रहा है। वहीं, कीवी का एक फल 50 रुपये तक में भी बिक रहा है। 

डॉक्टर की सलाह पर जरूरी दवाएं लें और एहतियात बरतें

गांधी शताब्दी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि मेडिकल साइंस में इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है। कई बार इसके सेवन से डेंगू के मरीज की हालत बिगड़ सकती है।

बकरी का दूध भारी होने के कारण इसको पचाने में परेशानी के चलते भी डेंगू मरीज को पेट संबंधी और अन्य बीमारी भी हो सकती हैं। इस तरह के मरीज अस्पताल में भी पहुंच रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि बुखार होने या डेंगू के लक्षण पता लगने पर तुरंत योग्य डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर की सलाह पर जरूरी दवाएं लें और एहतियात बरतें। 
विज्ञापन

डेंगू के 13 और मरीज आए सामने, जिले में 623 पहुंची संख्या

देहरादून राजधानी में डेंगू महामारी की तरह फैल रहा है, लेकिन लोग फिर भी संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर का लार्वा मिलने पर नगर निगम ने 11 लोगों का चालान काटा। इनमें चार डेरी और सात घर शामिल हैं। इस बीच, जिले में डेंगू के 13 और मामले सामने आए हैं।

जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों डेंगू के कई मरीज भर्ती हैं। शहर की तमाम पैथोलॉजी लैब पर भी मरीजों की भीड़ देखी जा सकती है। रायपुर क्षेत्र में शुरू हुए डेंगू के प्रकोप पर समय रहते काबू न पाए जाने से यह दूसरे इलाकों में भी फैल गया है। लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग साफ सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

बृहस्पतिवार को नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रायपुर क्षेत्र में 151 घरों का निरीक्षण किया। जिसमें सात घरों में एडीज मच्छर के लार्वा पाए गए। उन गृहस्वामियों का चालान कर 2400 रुपये का दंड वसूला गया। इसके साथ ही कांवली गांव और केदारपुर चौक पर चार डेयरियों का चालान भी किया गया। जिनसे 2500 रुपये जुर्माना वसूला गया।
उधर, बृहस्पतिवार को 13 नए मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें पांच पुरुष और आठ महिलाएं शामिल रही। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 623 पहुंच चुकी है।

दून अस्पताल के एमएस बीमार
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के वीआईपी वार्ड में भर्ती कराया गया। उनकी तबीयत बुधवार से खराब चल रही थी। डेंगू की आशंका पर उनकी जांच की गई। डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्हें सामान्य वायरल बुखार है। स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें