24 घरों में मिला डेंगू का लार्वा, कराया नष्ट
शहर में डेंगू का संक्रमण बेकाबू हो गया है। डेंगू मरीजों की संख्या सौ का आंकड़ा पार कर चुकी है। अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक संदिग्ध लक्षणों वाले मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम जहां हाथ पर हाथ धर कर बैठी है, वहीं लोग भी अपने घरों में सफाई को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। नगर पालिका के अभियान में दो दर्जन घरों में डेंगू के लार्वा मिले है।
शहर में डेंगू संक्रमितों की संख्या 110 हो गई है। उप जिला अस्पताल की सामान्य चिकित्सा की ओपीडी में आने वाले 100 से 150 मरीजों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और अन्य संदिग्ध लक्षण मिल रहे हैं। मरीजों की रैपिड और फिर एलाइजा जांच भी करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने तो अब तक घर घर जाकर लार्वा जांच और उनको नष्ट करने का अभियान शुरू नहीं किया। है, लेकिन नगर पालिका की टीम अभियान चलाकर लोगों के घरों में डेंगू के लार्वा की जांच कर रही है। टीम को अब तक 24 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। इसमें स्वास्थ्य विभाग तो लापरवाह है ही, लेकिन खतरे की आशंका के बावजूद लोग भी फिक्रमंद नहीं है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि डेंगू का लार्वा गंदे पानी में नहीं पनपता है, यह घर के भीतर और उसके आसपास साफ पानी में पैदा होता है। कहा कि लोग कई बर्तनों में एक साथ पानी जमा कर देते हैं। कई बार थ्नीन ढक कर भी नहीं रखते है। कहा कई घरों में लोगों की पानी टंकियां टूटी हुई है, उसमें डेंगू का लार्वा भी पनप रहा है। बताया कि लोग गमलों और छतों पर रखे सामानों की भी सफाई नहीं कर रहे हैँ। अधिशासी अधिकारी ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है।