देहरादून जिले में इस बार डेंगू के प्रकोप ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। जिले में शनिवार तक 2607 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी थी। इससे स्वास्थ्य विभाग भी सकते में है। स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग, समेकित बाल विकास परियोजना, नगर निगम और पुलिस के साथ मिलकर डेंगू लार्वा को नष्ट करने और लोगों में जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है। इसके लिए 21 टीमें मैदान में जुटी हैं। अब तक 61 हजार 252 घरों में लार्वा का सर्वे किया गया है। जिसमें से 3760 घरों पर लार्वा पाया गया और इसे नष्ट किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके गुप्ता ने रविवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत विगत अगस्त माह से सघन जन जागरुकता व सोर्स रिडक्शन अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही डेंगू के मरीजों के लिए विभिन्न अस्पतालों में 42 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जिनमें 141 बेड रिजर्व किए गए। इसके साथ ही 36 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय, कोरोनेशन, दून मेडिकल कॉलेज, एसपीएस ऋषिकेश और सीएचसी रायपुर में एलाइजा जांच की सुविधा दी गई है।
ये क्षेत्र हैं प्रभावित
रायपुर, लाडपुर, नालापानी, ईसी रोड, राजपुर, प्रेमनगर, राजपुर, पटेलनगर, डिफेंस कालोनी, रेसकोर्स, धर्मपुर, चंदरनगर, डालनवाला, सुभाष रोड, जोगीवाला, डोईवाला ऋषिकेश, हाथीबड़कला, वाणी विहार समेत 33 क्षेत्र।
निजी अस्पतालों में ज्यादा मरीज
इस समय सरकारी अस्पतालों में 104 मरीज भर्ती हैं। जबकि निजी अस्पतालों में 162 मरीज भर्ती हैं। जिले में डेंगू और इसके लक्षण वाले 11 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि डेंगू से मौत के छह मामले पुष्ट हो चुके हैैं। जबकि पांच संदिग्ध मामलों का डेथ ऑडिट किया जा रहा है।