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Dehradun News: बाहरी राज्यों के डेंगू आयुष्मान मरीजों को नहीं मिल रहा फ्री इलाज

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उत्तराखंड में दूसरे राज्यों के आयुष्मान मरीजों का इलाज प्रभावित होने से डेंगू मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी मरीजों को बिल अपनी जेब से चुकाना पड़ रहा है। क्योंकि मरीजों का आयुष्मान कार्ड उत्तर प्रदेश का बना है। दून अस्पताल में दूसरे राज्यों का आयुष्मान से करीब ढाई करोड़ रुपये बकाया है। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में उत्तर प्रदेश के 100 से अधिक मरीजों के फर्जी आयुष्मान से इलाज करवाने का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के आयुष्मान मरीजों का इलाज बंद है।
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दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. धनंजय डोभाल ने बताया कि आयुष्मान योजना में बाहरी राज्यों के मरीजों का इलाज किया गया, लेकिन बाहरी राज्यों ने इसका बिल नहीं चुकाया है। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, झारखंड, पंजाब, जम्मू कश्मीर राज्य शामिल हैं। इसके लिए स्टेट हेल्थ अथॉरिटी (एसएचए) को सूचित किया गया है। हालांकि, कुछ मरीजों का भुगतान आ गया है। वहीं, इंदिरेश अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पिछले दिनों 100 से अधिक उत्तर प्रदेश के आयुष्मान मरीजों ने इलाज करवाया। बिल चुकाने की बारी आई तो उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के बाद कहा कि यह सभी आयुष्मान कार्ड फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। ऐसे में बिल चुकाया नहीं गया। इसलिए अब तक उत्तर प्रदेश के आयुष्मान मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो पाया है।

सबसे ज्यादा शुल्क उत्तर प्रदेश का बकाया
दून अस्पताल में सबसे अधिक भुगतान उत्तर प्रदेश का बाकी है। यह सभी अटल आयुष्मान कार्ड हैं। गरीबी रेखा से नीचे वालों का यह कार्ड बनता है। दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल का कहना है कि उत्तर प्रदेश के कुछ मरीजों का भुगतान आया है।
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केस- 1
आशा वर्कर शिवा दुबे के बेटे को 10 अगस्त को दून अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आयुष्मान कार्ड उत्तर प्रदेश का था, इसलिए इलाज नहीं मिला। निजी अस्पताल से प्लेटलेट्स खरीदकर चढ़वाईं। पति को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, वहां भी आयुष्मान से इलाज नहीं मिला।
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केस - 2
सहारनपुर निवासी गीता के भांजे मेरठ से दून घूमने आए थे। दून में इनकी तबीयत खराब हो गई। प्लेटलेट्स कम होने पर दून अस्पताल में इलाज को गए तो उत्तर प्रदेश का आयुष्मान कार्ड लेने से मना कर दिया। इसके बाद मरीज ने मेरठ जाकर इलाज करवाया।
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