इसके अलावा दस से अधिक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। इस गांव में दो दिन पहले 60 से अधिक घरों में डेंगू का लार्वा मिला था। इससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांव में साफ सफाई व्यवस्था की क्या स्थिति है।
हालांकि, मलेरिया विभाग की टीम दो दिन से गांव पहुंच रही है और यहां दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है। लेकिन विभाग के छिड़काव पर ग्रामीण सवालिया निशान लगा रहे हैं। ग्रामीण कादिर का कहना है कि गांव में डेंगू की दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
जिस घर में डेंगू के लार्वा मिल रहे है, उस घर के आगे को निकलते हुए विभागीय कर्मचारी घबरा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि हल्के उपकरणों से दवा छिड़ककर खानापूर्ति की जा रही है।
यही कारण है कि गांव में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इससे गांव के लोगों में विभाग के प्रति रोष पनप रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि गांव में दस टीमें काम कर रही है। जिसमें कई आशाओं को काम पर लगाया गया है।