फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विभिन्न मांगों के समर्थन में आधे दिन के कार्य बहिष्कार पर लोनिवि कर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
चकराता। लोक निर्माण विभाग में तैनात लिपिकीय संवर्ग से जुड़े कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के समर्थन में उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने पर कर्मचारियों ने 15 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। कर्मचारियों ने मांग के समर्थन में 30 जनवरी तक आधे दिन के कार्य बहिष्कार पर रहने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

लोनिवि चकराता के कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांग को अनसुना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएमजीएसवाई से जुड़े सभी खंड वर्तमान में ग्राम्य विकास विभाग के अधीन हैं। इन खंडों में लोनिवि के मिनिस्टीरियल कर्मचारी भी तैनात हैं। वर्तमान में पूरे विभाग में मिनिस्टीरियल कार्मिकों की कमी है। ऐसे में लोनिवि से पीएमजीएसवाई खंडों में भेजे गए कर्मचारियों को वापस विभाग से जुड़े खंड कार्यालयों में वापस लिया जाए। स्थानांतरण अधिनियम के तहत नैनीताल के भीमताल और भवाली खंडों को दुर्गम खंडों से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण अधिनियम के तहत समूह क और ख के कर्मचारियों की तैनाती गृह जनपद से बाहर करने के आदेश हैं, जबकि समूह ग की तैनाती तहसील और ब्लॉक से बाहर करने का प्रावधान है, लेकिन नियमावली को ताक पर रख समूह क और ख से जुड़े कर्मचारियों को उनके गृह जनपद में ही तैनाती दी जा रही है। ऐसे में मिनिस्टीरियल संवर्ग को भी इस व्यवस्था से मुक्त रखा जाए। नेगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कार्यप्रभावित कर्मचारियों को पेंशन, ग्रेच्युटी और एरियर दिए जाने के आदेश दिए हैं, लेकिन अब तक इस मसले पर विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है। उन्होंने कर्मचारियों की कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पदोन्नत कार्मिकों के समायोजन से पूर्व संगठन को विश्वास में लिया जाए। सिंचाई विभाग की नियमावली के अनुरूप लोनिवि में भी तीन वर्षीय डिप्लोमा करने वाले कर्मचारियों को जेई बनने का मौका दिया जाए। कहा कि मांग पूरी न होने पर संगठन को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भरत सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन करने वालों में प्रशासनिक अधिकारी नंदलाल भारती, प्रधान सहायक मूरतराम, धन सिंह चौहान, रविंद्र उनियाल, श्यामदास, कनिष्ठ सहायक वीरेंद्र सिंह कोहली, अनिल कश्यप, संतोष कुमार, रोहित बिष्ट, विक्रम, कलम, रीता गुप्ता, रविकांत सेमवाल और नरेश शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें