Iराज्य में भूजल दोहन पर नियंत्रण के लिए अभी तक कोई प्रभावी नीति लागू नहीं हुई है। इसके चलते छोटे-छोटे प्लाटों पर मनमर्जी से बोरिंग कर पानी निकाला जा रहा है। अगर ऐसा रहा तो भविष्य में उत्तराखंड को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इस संबंध में जल प्रहरी दिनेश भंडारी ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा था। बावजूद समस्या का संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने सरकार से भूजल प्रबंधन की नीति लागू करने की मांग की है।I