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दिल्ली का हिस्ट्रीशीटर साथी समेत चोरी की ज्वेलरी संग गिरफ्तार

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सेलाकुई। थाना पुलिस और एसओजी ने संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली के हिस्ट्रीशीटर को चोरी के आरोप में साथी समेत गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ज्वेलरी और नकदी भी बरामद हुई है।
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खुलासा करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रेमनगर दीपक सिंह ने बताया कि संदीप घिल्डियाल निवासी तपोवन रोड थाना रायपुर की माता शांति देवी के घर विवेक विहार से राजारोड सेलाकुई से चोरों ने आलमारी से नकदी और ज्वेलरी चोरी कर ली है। जिस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। खुलासे के लिए चार अलग-अलग टीमें लगाई गईं। सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस का सहारा लिया गया। जांच में चोरी में कार का प्रयोग होना और उसमें जितेंद्र निवासी ग्राम बरखेडा थाना कुरावली जिला एटा मेनपुरी उत्तर प्रदेश, हाल पता दीप विहार लालकुआ गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, अशोक कुशवाह निवासी प्रशांत एन्क्लेव बापरोला विहार थाना रनौला नई दिल्ली शामिल थे। इन दोनों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि स्थानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन उनके लगातार स्थान बदलने के चलते सफलता नहीं मिली। गिरफ्तारी के लिए मुखबिरों का नेटवर्क बिछाया गया। जिस पर चेकिंग के दौरान राजा रोड सेलाकुई से दोनों आरोपियों को उक्त वाहन समेत गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान बांयाखाला के खंडर पड़े मकान से बरामद कर लिया। अशोक पेशे से ड्राईवर है। जितेंद्र उसका दोस्त है। दोनों पर दिल्ली व आसपास के थानो पर चोरी, लूट के दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं। अशोक थाना उत्तम नगर दिल्ली का सक्रिय हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विनोद राणा, एसओजी प्रभारी ओमकांत, एसआई प्रवेश रावत, आरक्षी संजय कुमार, धीरज कुमार, ब्रजपाल, मनोज, दीपक चौहान, एसओजी आरक्षी नवनीत नेगी, सोनी कुमार, मनोज जितेंद्र शामिल रहे।
सेलाकुई। विवेक विहार के बंद घर में चोरी का खुलासा पुलिस के लिए पहले ही दिन से किसी चुनौती से कम नहीं था। दोनों चोरों ने महज सात मिनट के अंतराल में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। ऐसे में उनके गिरेबान तक पहुंचना भूसे के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था, लेकिन थाना पुलिस ने थानाध्यक्ष विनोद राणा के नेतृत्व में चोरों का सुराग लगाने के लिए सारी ताकत झौंक दी। चोरों तक पहुंचने के लिए एसओजी समेत चार टीमें लगाई गईं। वारदात स्थल से लेकर दिल्ली तक के करीब 50 सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से खंगाला गया। तब जाकर वारदात में प्रयोग की गई कार की पहचान हो सकी। कार का पता चलने पर यह भी पता चला कि चोरी के पीछे स्थानीय नहीं बल्कि दिल्ली के शातिर हैं। जिनमें से एक हिस्ट्रीशीटर भी है। ऐसे में दोनों को पकड़ने के लिए दिल्ली और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन दोनों हाथ नहीं आए। आखिर शनिवार को फिर से क्षेत्र में चोरी करने के लिए आए दोनों शातिर चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि अशोक हिस्ट्रीशीटर है। जिस पर सात मुकदमें दर्ज हैं, जबकि जितेंद्र पर 11 मुकदमें दर्ज हैं। जितेंद्र ताले तोड़ने में एक्सपर्ट है। उन्होंने बताया कि महज नौ दिन में पूरी घटना का खुलासा कर चोरी हुआ माल बरामद कर लिया गया।
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