56 वर्षीय कुंदन सिंह अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी और 24 तथा 12 वर्ष की दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। अत्यधिक निर्धन कुंदन सिंह पर ही पूरे परिवार का भार था। बलूनी ने राज्य के लोगों की मदद के लिए जाने जाते हैं। इससे पूर्व वह दुबई में फंसे उत्तराखंड के पांच सौ लोगों की वापसी के लिए विदेश मंत्री और नागरिक उड्यन मंत्री से बात कर चुके हैं।
अनिल बलूनी की पैरवी के उत्तराखंड के लगभग सोलह हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मान्यता प्राप्त हो सकी है। अनिल बलूनी की कोशिशों के बाद ही केंद्र सरकार ने एनसीटीई एक्ट में संशोधन के जरिये विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मान्यता प्रदान की थी।
लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में फंसे उत्तराखंड के लोगों की वापसी के लिए उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से भेंट की थी। जिसके बाद मुंबई, पुणे, इंदौर बेंगलुरु जयपुर, और गुजरात के विभिन्न शहरों में फंसे उत्तराखंडियों की सकुशल वापसी हो सकी।