सूचना पर एसपी देवेंद्र पींचा समेत कोतवाली की तीन टीमें जांच में जुट गईं। पुलिस ने आसपास की दुकानों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली थी। क्षेत्र में भी नाकाबंदी कर दी गई थी। घटना के करीब 11 घंटे बाद सोमवार देर रात को दिल्ली के लोधी कॉलोनी थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने सितारगंज कोतवाल सलाहउद्दीन को तीनों युवकों को किसी मामले में पूछताछ के लिए उठाकर ले जाने की सूचना दी।
कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि लोधी थाने के एसआई अमित शर्मा टीम के साथ दबिश देने आए थे और विक्रमजीत, जसनदीप और अर्शदीप को ले जाकर पूछताछ की। परिजनों से वीडियो कॉलिंग पर तीनों युवकों की बात कराई। बताया कि किसी सीक्रेट ऑपरेशन की वजह से दिल्ली पुलिस ने कोतवाली में न तो सूचना दी थी और न ही आमद दर्ज कराई। फिलहाल युवकों के परिजन उन्हें लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं।
तीन युवकों के कथित अपहरण के पीछे पुरानी रंजिश मानते हुए नगर के स्क्रैप कारोबारी सुनील यादव को टारगेट किया जा रहा था। पुलिस को तहरीर देकर परिजनों ने भी सुनील यादव से रंजिश का जिक्र किया था। इससे पुलिस भी इसे रंजिश मानते हुए जांच कर रही थी। पुलिस को खटीमा कोर्ट के बाहर से वहां के कोतवाल संजय पाठक के सुनील यादव की गाड़ी की तलाशी लेने का पता चला।
इससे पुलिस का भी इस ओर शक गहरा गया। इस बीच, घटना को 11 घंटे बीत गए। सितारगंज से लेकर रुद्रपुर तक जिले भर की पुलिस एक्टिव मोड पर आ गई। तभी देर रात दिल्ली लोधी थाने के इंस्पेक्टर के फोन ने अगवा होने की कहानी की तस्वीर ही बदल दी। कोतवाल ने फोन पर जब सुना कि तीनों युवकों को एक केस में पूछताछ के लिए उठाया गया है तो पुलिस ने राहत भरी सांस ली।
आखिर क्यों फिल्मी अंदाज में उठा ले गई दिल्ली पुलिस ?
दिल्ली पुलिस के फिल्मी अंदाज में दबिश देकर तीन युवकों को उठा ले जाने से पूरा जिला अलर्ट पर था। आखिर ऐसी क्या वजह थी कि दिल्ली पुलिस यहां की पुलिस को बिना सूचना दिए और बिना आमद कराए ही इस तरह तीन युवकों को उठा ले गई। दिल्ली पुलिस के इस कदम ने उनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। संवाद
लोधी कॉलोनी दिल्ली थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने फोन पर बताया कि उनके थाने में एक पुराना ड्रग्स का मामला चल रहा है। इस मामले में तीनों युवकों को पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ के बाद अब तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
तीनों युवकों पर दर्ज हैं कई मुकदमे
कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से उठाए गए तीनों युवकों पर नानकमत्ता, किच्छा और सितारगंज थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं। बताया कि विक्रमजीत सिंह पर आठ, जसनदीप सिंह पर तीन और अर्शदीप सिंह पर पांच मुकदमे चल रहे हैं।
दिल्ली में ड्रग्स का एक पुराना केस था। इसमें पूछताछ के लिए उठाकर टीम लाई थी। क्लीयरिफिकेशन हो गया है। डॉक्यूमेंटेशन करके तीनों युवकों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा रहा है।
- सुनील कुमार, इंस्पेक्टर लोधी कॉलोनी थाना दिल्ली
दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए विक्रमजीत सिंह के तहेरे भाई मनदीप सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने मोबाइल ऑन कर विक्रमजीत से बात कराई और बताया कि तीनों सुरक्षित हैं। विक्रमजीत से बात करने पर पता चला कि तीनों दिल्ली पुलिस की कस्टडी में है। उनसे किसी मामले में पूछताछ चल रही है। इसके बाद चाचा रणजीत सिंह दिल्ली चले गए।
दिल्ली पुलिस वहां के किसी मामले में दर्ज एफआईआर के संबंध में तीनों युवकों को ले गई थी। सामान्यत: बाहर की पुलिस आमद दर्ज कराती है। कुछ खुफिया मामलों में कभी सूचना नहीं भी दी जाती है। युवकों पर वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी और कानूनी तौर पर वहां उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस को यह अधिकार होता है कि वह देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र में दबिश दे सकती है। - बरिंदरजीत सिंह, एसएसपी, यूएस नगर