रात में काम करने पर इसलिए फंसा पेंच
गणेशपुर से आशारोड़ी के बीच 19 किमी के पूरे हिस्से में राजाजी टाइगर रिजर्व का हिस्सा पड़ता है। इसमें से यूपी वाले हिस्से में वन्यजीवों की अधिक आवाजाही से अभी तक इस हिस्से में रात में काम करने की अनुमति नहीं दी गई है। काम शुरू करने से पहले केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन की ओर भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की ओर से रिपोर्ट मांगी गई थी। डब्ल्यूआईआई वन्यजीवों के संभावित गलियारों में कई जगह टैप कैमरा लगाकर तीन माह तक अध्ययन किया। इसके बाद संस्थान ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रात में परियोजना पर काम करने से वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
वन्यजीवों के कॉरिडोर का रखा जाएगा ध्यान
एनएचएआई के सूत्रों की मानें, तो यूपी सरकार की ओर से वाइल्ड लाइफ बोर्ड को जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें रात में काम करने के दौरान वन्यजीवों की आवाजाही बाधित न हो, इसके तमाम उपाय सुझाए गए हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि रात में केवल ऐसे हिस्सों में काम किया जाएगा, जहां वन्यजीवों की आवाजाही न के बराबर है। वन्यजीवों के चिन्हित कॉरिडोर को किसी भी स्तर पर नहीं छेड़ा जाएगा। जितनी जल्दी काम पूरा होगा, वन्यजीवों के लिए भी उतना ही अच्छा है।