कर्ज के बोझ तले दबे दिल्ली के एक उद्योगपति ने हरिद्वार स्थित धर्मशाला में जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली।
घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में उद्यमी ने कर्ज की पूरी दास्तां लिखी है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है। हरकी पैड़ी से कुछ दूर काली मंदिर के पास मुरली मनोहर धर्मशाला है। शनिवार सुबह करीब छह बजे धर्मशाला प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी कि उनके यहां ठहरा एक यात्री शौचालय में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है।
जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक यात्री की मौत हो चुकी थी। धर्मशाला के रजिस्ट्रर के अनुसार मृतक की पहचान अमित वर्मा (41) पुत्र रामस्वरूप निवासी सदनगर, पालम, नई दिल्ली के रूप में हुई है। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
चौकी प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि मृतक की दिल्ली से सटे फरीदाबाद में मोटर पार्ट्स बनाने की एक फैक्ट्री है। उस पर कई लाख रुपये का कर्ज हो चुका था। लेनदार उससे कर्ज लौटाने की कई दिन से मांग कर रहे हैं। इसी से तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि उसकी मौत के बाद परिजनों को परेशान न किया जाए।
पुलिस को दी थी सूचना
सुसाइड करने वाले उद्योगपति ने देर रात पुलिस सिटी कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। लेकिन धर्मशाला का नाम मोहन धर्मशाला बताया था। पुलिस रातभर मोहन धर्मशाला ढूंढती रही। लेकिन उस नाम की धर्मशाला उन्हें कहीं नहीं मिली। यदि उसने धर्मशाला का सही नाम बताया होता तब शायद उसकी जान बच सकती थी।