धरना स्थल पर मनोज के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को मिली। सूचना देने वाले रणवीर बिष्ट ने खुद को लैब तकनीशियन और धरना कर्मी बताया। मौके पर पहुंची रायपुर थाना पुलिस को मनोज अचेत अवस्था में मिला।
एकता विहार धरना स्थल पर शनिवार को नौकरी से हटाए जाने से परेशान एक सिक्योरिटी गार्ड ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। वह अचेत अवस्था में मिला। पुलिस ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
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पुलिस के अनुसार, पिथौरागढ़ निवासी मनोज कुमार नंदा की चौकी स्थित टौंस ब्रिज स्कूल, प्रेमनगर में एसआईएस सिक्योरिटी कंपनी के तहत सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। आरोप है कि 23 अक्तूबर को कंपनी ने उसकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त कर लिया। इसके बाद मनोज ने नौकरी पर दोबारा बहाली की मांग को लेकर धरना देने का निर्णय लिया।
वह अपनी मांग को लेकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचा था। वहां से उसे गांधी पार्क भेजा गया, लेकिन प्रतिबंधित क्षेत्र होने के कारण उसे एकता विहार स्थित धरना स्थल पर जाने के लिए कहा गया। इसके बाद वह एकता विहार में धरने पर बैठ गया।
शनिवार को धरना स्थल पर मनोज के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को मिली। सूचना देने वाले रणवीर बिष्ट ने खुद को लैब तकनीशियन और धरना कर्मी बताया। मौके पर पहुंची रायपुर थाना पुलिस को मनोज अचेत अवस्था में मिला। पुलिस उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंची। चिकित्सकों ने जांच में जहरीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि की। समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। पुलिस के अनुसार, मनोज ने नौकरी पर बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।