चेतावनी के साथ समझाया अफसरों ने पर नहीं माने बेरोजगार
युवाओं के प्रतिनिधिमंडल से आईजी गढ़वाल रेंज करण सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी सोनिका, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, एसपी सिटी सरिता डोबाल, एडीएम केके मिश्रा आदि अधिकारियों ने वार्ता शुरू की थी। इस दौरान उन्हें समझाया गया कि यदि कानूनी कार्रवाई हुई तो उनका कॅरियर बर्बाद हो जाएगा। युवाओं ने अपनी शर्तें रखनी शुरू कीं तो अधिकारियों ने उन्हें इत्मिनान से सुनना शुरू किया। लेकिन, कुछ देर बाद ही माहौल बाहर बिगड़ गया।
वार्ता के लिए बार-बार आए अधिकारी, युवाओं ने लौटाया
शुरुआत से ही अधिकारियों ने वार्ता की कोशिश की थी। सबसे पहले करीब 12 बजे आईजी गढ़वाल रेंज करन सिंह नगन्याल वहां पहुंचे थे। उन्होंने वार्ता की कोशिश लेकिन युवाओं ने उन्हें टिकने ही नहीं दिया। मजबूरन आईजी को जाना पड़ा। इसके बाद करीब डेढ़ बजे एसएसपी दलीप सिंह कुंवर पहुंचे थे। कुछ युवाओं ने उनकी सुननी चाही लेकिन अन्य ने हंगामा कर दिया। कुछ देर बाद वहां जिलाधिकारी आईं। युवाओं ने उनके साथ भी इसी तरह का सुलूक किया।
बुधवार रात हुई पुलिस कार्रवाई के वीडियो वायरल होने पर बिगड़ा माहौल
बेरोजगारों का बृहस्पतिवार को भी आंदोलन शांतिपूर्वक रहने की संभावना थी। लेकिन, पुलिस की बुधवार रात की कार्रवाई ने खेल बिगाड़ दिया। इस कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए। पुलिस पर आरोप लगे तो वहां पर भीड़ जमा होती गई। देखते ही देखते स्थिति कंट्रोल से बाहर हो गई। बेरोजगार युवाओं ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने बुधवार रात को बेरोजगारों को प्रदर्शन स्थल से हटाना चाहा था।
इस दौरान कुछेक पर बल प्रयोग भी करना पड़ा। इसका कई युवाओं ने वीडियो बनाया। यह वीडियो को सैकड़ों ग्रुप पर वायरल हो गए। इससे युवाओं को सूचना मिलती गई और सुबह के वक्त हजारों की संख्या में युवा गांधी पार्क के सामने जमा हो गए। यहां भी अधिकारियों के सामने युवाओं ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। कुल मिलाकर बृहस्पतिवार का आंदोलन पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ ही हुआ। रही सही कसर बाहर से शामिल हुए असामाजिक तत्वों ने पूरी कर दी।
अधिकारियों पर फेंकी पानी की बोतलें
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को वहां पर बेरोजगारों का जबरदस्त विरोध झेलने को मिला। इनमें शामिल असामाजिक तत्वों ने अधिकारियों पर प्लास्टिक की बोतलें भी फेंकीं। इसको देखते हुए अधिकारी भी वहां से चले गए।