जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में बाघों को लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। फिलहाल पहले चरण में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से बुधवार को एक बाघिन को विशेषज्ञों की निगरानी में सड़क मार्ग से राजाजी टाइगर रिजर्व लाया गया।
फिलहाल बाघिन को मोतीचूर रेंज में बनाए गए बाड़े में रखा गया है जहां टाइगर रिजर्व के अधिकारी, कर्मचारी उसकी निगरानी कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह का कहना है कि एक-दो दिन निगरानी करने के बाद बाघिन को टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया जाएगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व में वर्तमान में बाघ, बाघिन की संख्या 40 हैं। इनमें से 38 बाघ-बाघिन राजाजी टाइगर रिजर्व के पूर्वी क्षेत्र में हैं। वहीं पश्चिमी क्षेत्र में महज दो बाघ हैं। ऐसे में पश्चिमी क्षेत्र और पूर्वी क्षेत्र में बाघों का संतुलन गड़बड़ा रहा है।
इसी के मद्देनजर वन विभाग की ओर से राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में पांच बाघों को लाने की योजना बनाई गई है। इसमें दो बाघ और तीन बाघिन को लाया जाना है। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि बुधवार को जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को सड़क मार्ग से लाया गया है।
फिलहाल बाघिन को मोतीचूर रेंज में बनाए गए बाड़े में रखा गया है जहां अधिकारियों, कर्मचारियों की टीम में उसकी निगरानी कर रही हैं। बाघिन को ट्रेंकुलाइजर से बेहोश करने के बाद पिजड़े में सुरक्षित रखा गया और फिर सड़क मार्ग से होते हुए मोतीचूर रेंज में लाया गया।
फिलहाल बाघिन की स्थिति सामान्य है। उम्मीद है कि एक-दो दिन के भीतर उसे खुले जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद एक-एक करके सभी बाघ बाघिन को राजाजी टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों को लाने की प्रक्रिया तीन साल पहले शुरू की गई थी।