टीम ने आरोपी मुदस्सिर को बुधवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तीन हजार एमटूएम सिमकार्ड बरामद हुए हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने देशभर में ठगी के लिए कुल 45 हजार सिमकार्ड खरीदे थे। इसके बाद इन्हें अपने एजेंटों को दे दिया गया। ये एजेंट देशभर में फैले हैं। आरोपियों ने देशभर में इसी तरह लोगों को ट्रेडिंग के नाम पर ठगा था।
ऐसे करते हैं ठगी
एसएसपी ने बताया कि मुदस्सिर ने कॉरपोरेट आईडी के नाम पर 45 हजार सिमकार्ड जारी कराए। इसके लिए मुंबई में एक ऑफिस बनाया। एक फर्जी कंपनी तैयार कर उसके लोगों को मैसेज कर स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश की जानकारी देकर लाभ कमाने का प्रलोभन दिया जाता है। लोगों को विश्वास में लेकर फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर लिंक के माध्यम से विभिन्न एप डाउनलोड कराने के बाद निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की जाती है।
क्या है एमटूएम सिम
एम2एम संचार आमतौर पर मशीनों के बीच होता है, जहां नेटवर्क डिवाइस बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। यह रेगुलर सिम से अलग है जिसे एक फोन से दूसरे फोन में ट्रांसफर किया जा सकता है। डेबिट/क्रेडिट कार्ड स्वैपिंग मशीन, पीओएस (प्वाइंट-ऑफ-सेल) डिवाइस जैसे उपकरण एम2एम संचार में शामिल होते हैं। इस प्रकार के संचार का उपयोग गोदाम प्रबंधन, रोबोटिक्स, यातायात नियंत्रण, रसद सेवाओं, आपूर्ति शृखंला प्रबंधन, बेड़े प्रबंधन, रिमोट कंट्रोल और बहुत कुछ में भी किया जाता है। इसके अलावा, इसका उपयोग उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरणों के लिए किया जा रहा है।