देहरादून में दशहरा की सुबह बकरे ले जा रहे लोगों को पीएफए (पीपुल फॉर एनिमल) की टीम ने रोक लिया। आरोप था कि स्थानीय लोग इनकी बलि देने के लिए मंदिर ले जा रहे हैं। इस बात को लेकर हंगामा हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। दोनों पक्षों के लोगों को थाने ले जाया गया। जहां पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से तहरीर ले ली है।
दो पक्षों में एक गोरखा समाज का है तो दूसरा पीएफए की पूजा बहुखंडी व अन्य हैं। सुबह गोरखा समाज के कुछ लोग संतला देवी मंदिर में बकरे व मुर्गे लेकर जा रहे थे। इसी दौरान वहां पर पूजा बहुखंडी व उनके कार्यकर्ता पहुंच गए और लोगों के हाथों से बकरे व मुर्गे छुड़ा लिए।
आरोप लगाया कि ये सभी लोग इनकी बलि देने के लिए जा रहे थे। जबकि लोगों का कहना था कि वे बलि के लिए नहीं बल्कि प्रथा के अनुसार सांकेतिक पूजा-अर्चना के लिए इन्हें मंदिर ले जा रहे थे।
दोनों पक्षों में विवाद बढ़ने लगा जिससे वहां हंगामा हो गया। इस पर वहां पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर थाने ले गई। मगर, वहां भी ये नहीं माने और आक्रोशित होकर एक दूसरे के खिलाफ हंगामा करने लगे।
कैंट कोतवाल विद्याभूषण नेगी ने बताया कि देर शाम दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बकरों व मुर्गों को वहां बलि के लिए ले जाया जा रहा था या नहीं।