सूत्रों के मुताबिक, दून और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के कई छोटे-छोटे समूह सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल यह मामला संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सावरकर संगठन के अध्यक्ष कुलदीप स्वेडिया ने पुलिस को दी तहरीर में मांग की है कि दोनों महिलाओं के खिलाफ उत्तराखंड धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि देहरादून में इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। खुलेआम धर्मांतरण कराने के प्रयास हो रहे हैं जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।