थानो-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भोपालपानी में बने पुल के निर्माण की प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने औचक निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग को विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। बुधवार को प्रमुख अभियंता आरसी पुरोहित ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने की सिफारिश की गई है।
स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर पुल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुल निर्माण में कई खामियां पकड़ी थीं। मौके पर पुल के बीचोबीच दरारें थीं। दरारों को छुपाने के लिए सड़क को बीच से खोद भी दिया गया था। पुल की किनारे की दीवारें फूल जाने से इसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे थे। पुल की हालत देखकर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही प्रमुख अभियंता से जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग हरिओम शर्मा ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रमुख अभियंता आरसी पुरोहित को सौंप दी। पुरोहित ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट में विस्तृत जांच के लिए मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि शासन को रिपोर्ट सौंप दी गई है।
8.85 करोड़ की लागत से बना है पुल
यह पुल सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) के तहत आठ करोड़ 85 लाख रुपये लागत से तैयार हुआ है। मैसर्स शिवशंकर ने इसे बनाया है। पुल निर्माण के बाद से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे थे।
जेई और ठेकेदार पर हो सकती है कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में लापरवाही पुष्टि होने के बाद शासन स्तर से परियोजना से जुड़े कनिष्ठ अभियंता और ठेकेदार पर कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों की मानें तो अभी पुल निर्माण का कार्यदायी एजेंसी को पूरा भुगतान नहीं हुआ है।