अब हादसा हुआ तो एक के ऊपर एक नहीं चढ़ेंगे ट्रेन के डिब्बे
रेलवे के तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों के मुताबिक दून से चलने वाली सभी ट्रेनों के डिब्बों को आपस में स्थायी रूप से जोड़ा गया है। ऐसे में सभी कोच अब नट बोल्ट से लैस हैं। इस तकनीकी को हादसे के दौरान डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर न चढ़ें इसलिए विकसित किया गया है। इससे दुर्घटना के दौरान नुकसान को कम से कम करने में मदद मिली है।
कोरोना के दौरान दून से यात्रियों को लेकर गईं पांच ट्रेनें वापस नहीं लौटीं
दून रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बेसक बढ़ी हैं लेकिन रेलवे ने कुछ ऐसे फैसले भी लिए जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। वर्ष 2020 तक वर्तमान में संचालित 18 ट्रेनों के साथ पांच और ट्रेनें चलती थीं। कोरोना के दौरान इन ट्रेनों को दून से बंद कर हरिद्वार और ऋषिकेश से चलाया गया। इसमें देहरादून-वांद्रा एक्सप्रेस, देहरादून-उज्जैन और इंदौर, देहरादून कोचिवल्ली, देहरादून-मदुरई और देहरादून हावड़ा (13009/10) शामिल हैं।
ये सुविधाएं भी बढ़ीं
1- वर्ष 2022 में स्टेशन के प्रवेश द्वार पर एस्केलेटर लगाया गया
2- कोच पोर्सन डिस्प्ले लगाए गए
3- अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्रतीक्षालय
4- 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे
5- सॉलिड इंटरलॉकिंग
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