पुलिस पूछताछ में आरोपी तबरेज आलम ने बताया कि उन्होंने 11 माह पहले सहारनपुर निवासी राशिद उर्फ समीर से रेडियो एक्टिव मेटिरियल डिवाइस पांच लाख रुपये में खरीदा था। ये डिवाइस काफी महंगी है, लेकिन राशिद को पैसों की जरूरत होने के कारण उसने वह सस्ते में बेच दिया था। इसे खरीदने के बाद तबरेज ने उसे अपने फार्म में छिपाकर रख दिया और इसे बेचने की तलाश में लग गया। इसी दौरान दिल्ली में लव मल्होत्रा नाम के व्यक्ति ने उसकी पहचान आगरा निवासी सुमित पाठक से कराई। सुमित डिवाइस खरीदने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद उसने तबरेज को इसका सौदा करने के लिए दून में अपने किराये के मकान में बुलाया।
मकान को सुमित ने पूर्व इनकम टैक्स अधिकारी श्वेताभ सुमन से किराये पर लिया था। सुमित ने मकान मालिक श्वेताभ सुमन को इस सौदे के बारे में बताया तो श्वेताभ ने सुमित पाठक को भरोसा दिलाया कि वह काफी प्रभावशाली हैं। उसके घर पुलिस नहीं आ सकती। इसके बाद आरोपी तबरेज अपनी गाड़ी से डिवाइस को लेकर दून आ गया। तबरेज ने इस दौरान अपने और सुमित के परिचित सरवर हुसैन को सौदा करने के लिए बुलाया। सरवर अपने साथ जैद अली और अभिषेक जैन को लेकर दून आ गया। डिवाइस के इस सौदे में इन सभी का हिस्सा होना था। पांच लाख में खरीदे इस डिवाइस को करोड़ों का मुनाफा कमाने की बात थी।
पांचों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल
पुलिस ने गिरफ्तार किए पांचों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में मौके से सुमित पाठक निवासी बी-8 विजय नगर आगरा, तबरेज आलम निवासी थाना बेहट सहानपुर, सरवर हुसैन निवासी थाना रनोला नई दिल्ली, जैद अली निवासी थाना जहांगीराबाद भोपाल, अभिषेक जैन थाना करोल भोपाल को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है।