छह महीने तक उनके ऊपर यह शर्त लागू रहेगी। इस अवधि में अगर उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड की तो उनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 110 के तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इनकी निगरानी करने के लिए छह लोगों की टीम बनाई गई है। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी करते हुए 10 ब्लॉगर को चिन्हित किया जा चुका है। इसके अलावा सड़कों पर चेकिंग के लिए सीपीयू और यातायात पुलिस की टीमों को उतारा गया है।