भारती नाम की महिला ने डायल 112 पर सूचना दी कि नशे में धुत पति रिटायर्ड फौजी संदीप सिंह रावत उसकी हत्या करने पर आतुर है। सूचना पर चीता मोबाइल के सिपाही राजेश कुंवर और गोपाल दास तुरंत मौके पर पहुंचे। उस समय संदीप हाथ में खुखरी लेकर पत्नी से मारपीट कर रहा था।
पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन रावत ने खुखरी से अपनी पत्नी भारती पर प्रहार कर दिया। इस पर सिपाही ने बीच में आकर वार को विफल कर दिया। संदीप ने पलट कर दूसरा वार फिर से सिपाही राजेश कुंवर पर कर दिया। खुखरी के हमले से राजेश के माथे और आंख के नीचे घाव हो गया और खून बहना शुरू हो गया।
इसके बाद संदीप दूसरे सिपाही गोपाल दास के पीछे दौड़ पड़ा। पीछे से हुए वार से गोपाल दास की वर्दी फट गई। शोर होने पर जमा हुए आसपास के लोगों ने संदीप को पकड़ लिया। घायल सिपाही राजेश कुंवर को तत्काल कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी, पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे और सीओ डालनवाला जया बलूनी मौके पर पहुंचे। इसके बाद अधिकारियों ने घायल सिपाही का हालचाल लिया।
सिपाही राजेश कुंवर की आंखों के ऊपर और नीचे छह टांके आए हैं। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के मुताबिक सिपाही गोपाल दास की तहरीर पर रिटायर्ड फौजी संदीप सिंह रावत के खिलाफ सिपाही पर जानलेवा हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी संदीप को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रायपुर थाने की चीता मोबाइल ने सही समय पर पहुंचकर महिला को बचा लिया। आरोपी रिटायर्ड फौजी संदीप रावत नशे में होने के कारण बेहद उग्र था। आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर भी जानलेवा हमला किया। निसंदेह पुलिसकर्मियों का काम सराहनीय है, इन्हें जल्द पुरस्कृत किया जाएगा।
- अरुण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
नशा उतरने पर नहीं हुआ गलती का अहसास
रायपुर थाने की हवालात में नशा उतारने के बाद रिटायर्ड फौजी को अपनी गलती का अहसास नहीं था। पूरे समय वो चुप्पी साधे बैठा रहा है। एसएसआई संजय मिश्रा ने पत्नी और भाई के हवाले से बताया कि रिटायर्ड फौजी शराब के नशे में आए दिन झगड़ा करता है। पहले तो बात गाली-गलौज और बर्तन फेंकने तक थी। इस बार तो उसने खुखरी से हमला कर दिया।
शनिवार रात 11:35 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के फोन की घंटी बजी। कर्मचारी ने फोन उठाया तो दूसरी ओर से बेहद घबराई हुई महिला (भारती) सुरक्षा की गुहार लगाने लगी। लड़खड़ाती जुबां में भारती बस इतना ही बोल पाई- मुझे बचा लो। मैं रायपुर से बोल रही हूं। मेरा पति मुझे खुखरी से मारने वाला है। इस पर तुरंत कंट्रोल रूम से रायपुर थाने को सूचना दी गई। ठीक दस मिनट बाद 11:45 बजे दो पुलिसकर्मी भारती के घर पहुंच गए। पुलिस की इसी फुर्ती से भारती की जान बच गई।
पुलिस पर हमले की घटनाओं में इजाफा
रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमले की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। रायपुर क्षेत्र में डेढ़ माह में पुलिस से मारपीट की तीन घटनाएं हो चुकी हैं। झगड़े की सूचना पर मौके पर गए एक पुलिसकर्मी के पैर की हड्डी तोड़ दी गई थी, जबकि दूसरा घायल हो गया था। सड़क दुर्घटना को लेकर एक सिपाही से मारपीट हो गई थी। वहीं, सिपाही से मारपीट की घटना छिपाने पर बालावाला चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया था। रविवार रात फिर दो सिपाही जानलेवा हमले में बच गए। डालनवाला क्षेत्र में भी सीपीयू और पुलिसकर्मियों से मारपीट की तीन घटनाएं हो चुकी हैं।