एसएसपी ने बताया, राकेश 15-16 वर्षों से सहस्रधारा रोड पर रहता है और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में माली का काम करता है। उसकी जान पहचान राहुल से है। राहुल भी उसके साथ सफाई का काम करता है। दिसंबर 2024 में राहुल की बेटी तानिया ने बताया कि धामपुर की रहने वाली प्रियंका को एक बच्चे की जरूरत है।
इसके बदले वह उन्हें अच्छा पैसा दे सकती है। इसके बाद राकेश ने राहुल के साथ मिलकर बच्चों के अपहरण का षड्यंत्र रचा। उसने प्रियंका और सेंटी को दो लाख रुपये में रीना के छोटे बेटे विकास को बेच दिया। इन पैसों को सभी ने आपस में बांट लिया। प्रियंका और सेंटी ने इस बच्चे को आगे शिवाला कलां के गांव सरकथल में बेच दिया।
राहुल नहीं आ सका पुलिस की पकड़ में
जांच में पता चला कि सभी आरोपी कई दिनों तक राहुल की बुआ के घर अमरोहा में रुके थे। पुलिस ने यहीं से दो आरोपियों राकेश और तानिया को गिरफ्तार कर लिया, जबकि प्रियंका और सेंटी अपने गांव कोडीपुरा से गिरफ्तार हुए हैं। एसएसपी ने बताया, राहुल वहां से भागने में सफल हो गया। उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी जा रही है।
राकेश ने बेच दिए अपने दोनों बच्चे
राकेश और उसके साथी बच्चा बेचने का काम काफी समय से कर रहे हैं। एसएसपी ने बताया, इस दौरान जांच में पता चला कि राकेश ने भी अपने दोनों बच्चे प्रियंका और सेंटी से किसी को बेचे हैं। पुलिस इन बच्चों की तलाश भी कर रही है।