पथरिया पीर के जहरीली शराब कांड में शासन ने आईआईटी रुड़की को सैंपल की जांच को तीन लाख 35 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है। टीम ने शराब ठेके के अलावा डिस्टलरी से सैंपल लिए थे।
आईआईटी के कैमिस्ट डिपार्टमेंट की जांच रिपोर्ट से यह साफ हो पाएगा कि शराब बनते समय जहरीली हुई थी या फिर उसमें बाद में किसी तरह की मिलावट की गई है। विसरा रिपोर्ट में पहले ही चार लोगों की जहरीली शराब से मौत होने की पुष्टि हो चुकी है।
शहर के पथरिया पीर में बीस सितंबर को जहरीली शराब पीने से एक-एक आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से चार लोगों के ही पोस्टमार्टम हो पाए थे। बाकी के शवाें को परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस ने अवैध रुप से शराब बेचने के आरोप में अजय सोनकर उर्फ घोंचू समेत चार आरोपियाें को जेल भेज दिया था।
हालांकि पूछताछ में चारों ने शराब में किसी तरह का मिलावट करने से इंकार किया था। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने शराब कांड की तह तक जाने को आईआईटी रुड़की की मदद ली थी। आईआईटी की टीम ने शराब ठेके के अलावा डिस्टलरी से सैंपल उठाए थे, ताकि साफ हो सके कि शराब बनाते समय तो किसी तरह की चूक नहीं हुई थी।
आईआईटी रुड़की की टीम ने सैंपल की जांच को भुगतान मांगा था। एसएसपी स्तर से भुगतान को शासन को लिखा गया था। सूत्रों के मुताबिक आईआईटी रुड़की को सैंपलों की जांच को तीन लाख 35 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है।
उम्मीद है कि इस माह के अंत तक आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है। उधर विधि प्रयोगशाला की पहले आई विसरा जांच रिपोर्ट में खुलासा हो चुका है कि शराब जहरीली थी। उधर एसएसपी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।