हर साल की तरह इस बार का रेल बजट भी दून वासियों के लिए मायूसी भरा रहा। दून में रेलवे सुविधाओं में विस्तार या नई रेलवे लाइन बिछाने की घोषणा जैसा कुछ नहीं मिला।
जैसा कि लोगों ने रेल मंत्री सुरेश ‘प्रभु’ से उम्मीद लगाई थी। कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ने और उन्हें प्रतिदिन किए जाने की भी उम्मीद जताई जा रही थी। यहां भी निराशा ही मिली।
ये उम्मीद थी, ‘प्रभु’ ने पूरी नहीं की
- लोगों को दून स्टेशन के विस्तार और प्लेटफार्म बढ़ने की उम्मीद थी। इसके लिए कुछ न होने का नतीजा यह होगा कि फिलहाल दून तक 13 कोच से अधिक की ट्रेन नहीं आ सकेगी न ही यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ पाएगी
- अंग्रेजों के जमाने में सर्वे होने के बावजूद पहाड़ों की रानी मसूरी तक ट्रेन पहुंचाने का ‘प्रभु’ भी नहीं दिखा पाए साहस
- दून से सहारनपुर वाया विकासनगर लाइन पर भी नहीं बनी बात
- रेल के जरिए हिमाचल को जोड़ने की भी नहीं ली सुध
- सिंगल ट्रैक पर ही दौड़ेगी हरिद्वार और दून के बीच रेल, डबल ट्रैक होने की थी उम्मीद
- दून-ऋषिकेश रेल लाइन निर्माण को भी नहीं मिला ग्रीन सिग्नल
- नहीं बढ़ा किसी भी ट्रेन का रूट