देहरादून में जिला पंचायत ने 10 साल का बकाया संपत्ति एवं वैभव (सी एंड पी) टैक्स माफ करने का प्रस्ताव पास किया गया है। इस टैक्स के रूप में जिले के व्यापारियों पर पंचायत का करोड़ों रुपये बकाया था, जिसे माफ किए जाने पर काफी समय से विचार चल रहा था। शनिवार को जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में इस अहम फैसले का प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण मामलों में भी चर्चा कर प्रस्ताव पास किए गए।
शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। इस बैठक में एजेंडे के अनुसार कुल पांच बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें सबसे अहम मुद्दा था 10 साल का बकाया सी एंड पी टैक्स का। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीव कुमार नाथ त्रिपाठी ने बताया कि सदस्यों ने इस टैक्स को माफ किए जाने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया। इसके साथ ही पिछले साल (2018-19) लगाए गए सी एंड पी टैक्स पर भी चर्चा की गई है।
बैठक में एक और अहम निर्णय लिया गया। इसके तहत यदि जिला पंचायत के स्वामित्व वाली किसी भी जमीन का सरकार अधिग्रहण करती है तो इसके बदले में पंचायत को जमीन देनी होगी। यदि जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती है तो सरकार इसका मुआवजा भी जिला पंचायत को दे सकती है। इस संबंध में आए प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पास किया गया।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जिला पंचायत 500 रुपये से 15000 रुपये तक टैक्स संपत्ति एवं विभव कर वसूलती है। हजारों व्यापारियों पर करोड़ों रुपये जिला पंचायत का टैक्स के रूप में बकाया था। शनिवार को हुए प्रस्ताव के बाद अब इन व्यापारियों को यह टैक्स नहीं देना होगा। बैठक में जिला पंचायत सदस्य मेघ सिंह, दिनेश कुमार, सूरत सिंह, रमेश सिंह, टीना सिंह, बबीता नेगी, मंजुल आदि मौजूद रहे।