देश-विदेश के पर्यटक दून रेलवे स्टेशन से पहाड़ों की रानी मसूरी का नजारा देख सकेंगे। इसके लिए रेलवे की ओर से स्टेशन परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कॉनकोर्स बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर दून स्टेशन देश के चुनिंदा रेलवे स्टेशनों में से एक होगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से दून रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की योजना बनाई गई है। रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का जिम्मा रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को सौंपा गया है। दोनों मिलकर काम करेंगे। प्रस्तावित योजना के तहत रेलवे स्टेशन के नए परिसर का निर्माण किया जाएगा।
साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के तहत परिसर में 12.5 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल, आवासीय परियोजना और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स समेत कई निर्माण किए जाएंगे। इन सभी में सबसे दिलचस्प अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉनकोर्स का निर्माण शामिल है।
रेलवे की ओर से जो योजना बनाई गई है उसके मुताबिक वर्तमान रेलवे स्टेशन परिसर में पहले मंजिल पर कॉनकोर्स बनाया जाएगा। जहां से लोग मसूरी का भी नजारा देख सकेंगे। कॉनकोर्स में खानपान की भी व्यवस्था की जाएगी। इसी परिसर में ही व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
रेलवे की वरिष्ठ वाणिज्य वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा के मुताबिक रेलवे परिसर से जुड़े निर्माण कार्यों को अगले तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा। जबकि पांच सितारा होटल, 150 आवासों वाली आवासीय योजना और शॉपिंग मॉल जैसी व्यावसायिक निर्माण कार्यों को आठ साल में पूरा किया जाएगा।
1899 में बना था दून रेलवे स्टेशन
देहरादून रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान साल 1899 में किया गया था। अंग्रेजों की मंशा देहरादून से आगे मसूरी तक रेलवे लाइन बिछाने की थी। इसका सर्वे भी कर लिया गया था, लेकिन बाद में योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। दून रेलवे स्टेशन देश के उन चुनिंदा रेलवे स्टेशनों में से एक है जिन्हें हेरिटेज बिल्डिंग के तौर पर जाना जाता है।