इस मामले में डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें रिश्वतकांड की जानकारी विभिन्न सूत्रों के हवाले से मिली है। अधिकारिक रूप से उत्तराखंड पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं आई है। लेकिन, यदि इसमें कुछ भी सच्चाई हुई तो दरोगा को बर्खास्त किया जाएगा। यह बहुत ही निंदनीय है।
फरार कबूतरबाज को पकड़ने गया था दरोगा
मुकदमा आठ दिसंबर 2020 को दर्ज किया गया था। कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने फर्जी कंपनी बनाकर विदेश भेजने के नाम पर 20 से 25 लाख रुपये ठगे हैं।
इस मामले में तीन मार्च को लक्ष्मीनारायण उर्फ विनोद उर्फ निर्मल सिंह निवासी कलायत, कैथल हरियाणा को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने चंडीगढ़ निवासी एक साथी का और नाम बताया था। इसी फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया और एसएसआई हेमंत खंडूरी को चंडीगढ़ भेजा।