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Dehradun: सुद्धोवाला में पकड़ी नशे की दवाओं की खेप, 68 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल-गोलियों के साथ दो भाई गिरफ्तार

Sun, 07 May 2023 11:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों सूचना मिली थी कि सुद्धोवाला में एक मेडिकल स्टोर पर नशे की दवाएं बेची जा रही हैं।
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पकड़ी गई नशीली दवाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहरादून के सुद्धोवाला में पुलिस ने दो मेडिकल स्टोर से नशे की दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी है। इन दवाओं को बेचने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से नशे के करीब 68 हजार कैप्सूल और गोलियां बरामद हुई हैं। आरोपी इन दवाओं को बिना डॉक्टरों के पर्चे के छात्रों और स्थानीय मजदूरों को बेचते थे। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। यहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों सूचना मिली थी कि सुद्धोवाला में एक मेडिकल स्टोर पर नशे की दवाएं बेची जा रही हैं। मेडिकल स्टोर संचालक सामान्य दवाओं की आड़ में युवाओं को ये दवाएं बेच रहा है। एसओ पीडी भट्ट के नेतृत्व में सुद्धोवाला चौक के पास वंश मेडिकल स्टोर पर शनिवार देर रात छापा मारा गया। संचालक कृष्ण कुमार निवासी बल्लूपुर फ्रेंड्स कॉलोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके पास मेडिकल स्टोर संचालन के लिए वैध लाइसेंस नहीं था। स्टोर से हजारों प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल बरामद हुए।

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आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसका भाई विनय कुमार भी इसी तरह आयुष मेडिकल स्टोर चलाता है। वह भी प्रतिबंधित दवाएं बेचता है। दोनों जगहों से पुलिस ने 56,4,48 कैप्सूल और 11,400 गोलियां जब्त कीं। आरोपियों ने बताया कि दवाएं रेसकोर्स निवासी इंद्रजीत से लेकर आते थे। वह धर्मपुर में दवाओं का डिस्ट्रीब्यूटर है। एसएसपी ने बताया कि इंद्रजीत को भी आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ सुबूत इकट्ठा कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों ने बताया कि शुरुआत में वे सामान्य दवाएं बेचते थे। लेकिन, बाद में इन दवाओं की मांग अचानक बढ़ गई। इससे वे इन दवाओं को छात्रों और नशे के आदी मजदूरों को बेचने लगे।

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10 रुपये की गोली के वसूलते थे 100 रुपये तक

एसएसपी ने बताया कि जो गोलियां पुलिस ने पकड़ी हैं उनका अधिकतम खुदरा मूल्य 10 रुपये है। ये गोलियां केवल डॉक्टर के पर्चे पर दी जाती हैं। लेकिन, इन्हें नशे के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। लिहाजा इन दवाओं आरोपी मनचाहे दामों पर बेचने लगे। एक गोली के जरूरत के हिसाब से 100 रुपये तक वसूले जाते थे। इसी तरह कैप्सूल को भी मोटे मुनाफे पर बेचते थे।

गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई, संपत्तियां भी जब्त होंगी

आरोपियों के खिलाफ फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने बताया कि इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद इनकी संपत्तियां जब्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इनके अन्य साथियों और संबंधों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि इनके साथ कुछ और लोग भी मिले हो सकते हैं।

पुलिस टीम को इनाम

एसएसपी ने नशे की दवाओं की खेप पकड़ने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा आईजी गढ़वाल रेंज ने 40 हजार रुपये देने की घोषणा की। एसएसपी ने बताया कि प्रेमनगर पुलिस को लगातार सजग रहकर क्षेत्र में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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