- गैस गीजर व हीटर में अवैध रूप से घरेलू सिलेंडर का उपयोग होता है। यह सिलेंडर सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकते हैं। जबकि, छोटू सिलेंडर कड़ी टेस्टिंग के बाद वितरित होते हैं। इनमें खतरे की आशंका बेहद कम होती है।
- मोहल्ले व कॉलोनी में अधिकांश छोटे प्रेस व्यवसायी कोयले की प्रेस का उपयोग करते हैं। इसमें कई तरह की समस्या आती है। छोटू सिलेंडर से संचालित प्रेस बेहद किफायती और आसान है। एक किलो एलपीजी औसतन तीन दिन तक उपयोग में आती है।
- गैस गीजर व हीटर में बिजली आने-जाने की समस्या नहीं रहेगी। इसे पहाड़ी क्षेत्रों में फायदेमंद माना जा सकता है। छोटू सिलेंडर रीफिलिंग व लाने-जाने में भी आसान होते हैं।
सिर्फ एफटीएल सिलेंडर ही उपयोग कर सकेंगे
सुधीर कश्यप ने बताया कि इस प्रोग्राम में फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) श्रेणी का छोटू सिलेंडर ही उपयोग किया जा सकता है। यह सिलेंडर सिर्फ आधार कार्ड या अन्य पहचानपत्र दिखाकर मिल सकेगा। सिलेंडर का दाम 944 रुपये (18 प्रतिशत जीएसटी समेत) है। पांच किलो के सिलेंडर की रीफिलिंग करीब 440 रुपये में होती है। जबकि, छोटू सिलेंडर में दूसरी श्रेणी घरेलू कनेक्शन की भी है। इसे लेने के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इस सिलेंडर का उपकरणों में उपयोग करने पर रोक है।