उम्मीद जगी, जल्द न्याय मिल सकेगा
आर्किड पार्क वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष कविता भाटिया ने बताया कि उनकी संस्था आर्किड पार्क वेलफेयर सोसाइटी का पंजीकरण हो गया है।बताया, पुष्पांजलि इंफ्राटेक की संबंधित प्रापर्टी पर पीएनबी का 21 करोड़ रुपये का लोन बकाया है। इसलिए रेरा सेक्शन-8 का प्रयोग कर प्रोजेक्ट किसी अन्य प्रमोटर को नहीं सौंप पा रहा। उधर परियोजना के निदेशक दीपक मित्तल, राखी मित्तल व राजपाल वालिया अभी भी प्रोजेक्ट में अपने निर्णय ले रहे थे। अब एनसीएलटी ने परियोजना के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स को भंग कर दिया है, इससे उम्मीद जगी है कि जल्द उन लोगों को न्याय मिल सकेगा।
अपना प्रस्ताव विस्तार से दें बिल्डर्स
एनसीएलटी ने अधूरी परियोजना को पूरा कराने के लिए भी बिल्डर्स को आमंत्रित किया, इसमें 17 बिल्डरों ने अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में अपनी रुचि जताई है। रेजोल्यू्शन प्रोफेशनल के तौर पर अनुराग निर्भय की तैनाती भी की गई है। बिल्डर्स से विस्तार में अपना प्रस्ताव देने को कहा गया है।
यह है एनसीएलटी
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार आइबीसी की धारा 60 (5) (सी) के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) कॉरपोरेट कर्जदार के इंसॉल्वेंसी से जुड़े या उससे संबंधित विवादों में निर्णय देती है।
कहीं अन्य परियोजनाएं तो नहीं होेंगी प्रभावित
पुष्पांजलि ग्रुप की तीन परियोजनाएं देहरादून में संचालित हो रही हैंं। कुछ में निर्माण अधूरा है, तो कुछ में प्रगति पर। बोर्ड आफ डायरेक्टर्स भंग होने का असर सभी परियोजनाओं पर पड़ सकता है।
एनसीएलीटी से पुष्पांजलि ग्रुप के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स के भंग होने की जानकारी मिली है, अब पुष्पांजलि समूह के निदेशक किसी प्रकार का कोई निर्णय नहीं ले सकेंगे।
- नरेश सी मठपाल, सदस्य, उत्तराखंड रेरा