पिछले साल 30 अक्तूबर को इसी संस्थान के एक शिक्षक ने आत्महत्या कर ली थी। शिक्षक के पास से एक अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था।
उसमें उसने लिखा था कि छात्रों की पिटाई के मामले में उसके गुरु को बदनाम किया जा रहा है। वह इसे सहन नहीं कर सकता है। लिहाजा वह आत्महत्या कर रहा है। शिक्षक लुआंग लिखपा नाम के यह शिक्षक बौध शास्त्र पढ़ाते थे।
बच्चों की पिटाई के चलते आया था चर्चाओं में
राजपुर के पुरुकुल गांव रोड स्थित स्कूल भी उसकी संस्थान से संबंधित है, जिसमें शनिवार को छात्र मृत मिला है। स्कूल 27 अक्तूबर 2020 को सबसे पहले चर्चाओं में आया था।
सोशल मीडिया में खबर फैली थी कि यहां कुछ बच्चों की पिटाई इस वजह से कर दी गई है कि उन्हें घर जाने के लिए छुट्टी मांगी थी। आरोप यह भी था कि कुछ बच्चों के नाखून तक खींच दिए गए थे।
सूचनाओं का संज्ञान लेते हुए डीआईजी ने इसकी जांच एसपी क्राइम लोकजीत सिंह को सौंपी थी। अभी जांच चल ही रही थी कि शिक्षक ने फांसी लगा ली थी।