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Dehradun News : कैंट क्षेत्रों में भी तय होगा लैंड यूज, देहरादून के क्लेमेंटटाउन और लंढौर कैंट का प्लान हुआ तैयार

Thu, 07 Jan 2021 03:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
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विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर कैंट क्षेत्रों में भी लैंड यूज प्लान लागू होगा। रक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद कैंट बोर्ड अपना लैंड यूज प्लान तैयार करने में जुटे हैं। देहरादून में कैंट क्लेमेंटटाउन के लैंड यूज प्लान को स्वीकृति के लिए सेंट्रल कमांड को भेजा गया है, जबकि कैंट लंढौर का प्लान तैयार हो चुका है। अब इस पर आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी। लैंड यूज प्लान लागू होने के बाद सेना की जमीनों को लेकर होने वाले विवादों पर विराम लगने की संभावना है।

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दरअसल, कैंट क्षेत्रों में जमीनों का अभी तक वर्गीकरण नहीं हुआ है। यानी कि कौन सी जमीन आवासीय है और कौन सी कृषि की। साथ ही सैन्य भूमि को लेकर भी असमंजस बना रहता है। इसे लेकर कैंट क्षेत्रों में विवाद की स्थिति बनी रहती है। लिहाजा, रक्षा मंत्रालय की ओर से सभी छावनी परिषदों को लैंड यूज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन ने लैंड यूज प्लान तैयार कर स्वीकृति के लिए भेज दिया है। जबकि लंढौर कैंट बोर्ड का मास्टर प्लान का ड्राफ्ट बनकर तैयार हो चुका है। 

अब इस ड्राफ्ट पर आपत्तियां मांगी जा रही हैं। इसी प्रकार कैंट बोर्ड गढ़ी में भी ड्राफ्ट पर लोगों के सुझाव मांगे गए हैं। ड्राफ्ट में आवासीय, व्यवसायिक, कृषि, सैन्य क्षेत्र व सेना के अतिरिक्त भूमि को अलग-अलग दर्शाया गया है। भविष्य में इसी प्लान के आधार पर कैंट बोर्डों में निर्माण और विकास कार्य होंगे। सभी कैंट इस प्लान को स्वीकृति के लिए मध्य कमान लखनऊ भेजेंगे। जिसके बाद मध्य कमान इसे भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय को गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजेगा। नोटिफिकेशन के बाद यह प्लान लागू हो जाएगा। प्लान लागू होने के बाद सैन्य भूमि को लेकर उठने वाले विवाद पर विराम लगने की संभावना जताई जा रही है। 
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बिल्डिंग बॉयलॉज में भी होगा बदलाव

कैंट क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए फिलहाल सेटबैक के अलावा कोई बायलॉज नहीं है। यह बॉयलॉज अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। दरअसल, पहले कैंट क्षेत्र में काफी कम आवास थे। यहां भवन निर्माण के लिए केवल सेटबैक छोड़ने का नियम है, लेकिन अब कैंट क्षेत्रों में लगातार आबादी बढ़ती जा रही है। जिससे बिल्डिंग बॉयलॉज में बदलाव किया जा रहा है। इसको लेकर भी सभी कैंट तैयारी कर रहे हैं। बायलॉज बनने के बाद भविष्य में इसी के आधार पर भवनों का निर्माण किया जाएगा। 

उत्तराखंड में हैं नौ कैंट क्षेत्र

उत्तराखंड में नौ छावनी परिषद हैं। इनमें गढ़ी, क्लेमेंटटाउन, लंढौर, चकराता, लैंसडौन, रानीखेत, अल्मोड़ा, नैनीताल और रुड़की शामिल हैं। 

रक्षा मंत्रालय ने सभी कैंटों को लैंड यूज प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। क्लेमेंटटाउन का लैंड यूज प्लान स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। मसूरी के लंढौर कैंट के लैंड यूज प्लान का भी ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। ड्राफ्ट पर आपत्तियां मांगी जा रही हैं। आपत्तियों पर सुनवाई करने के बाद ड्राफ्ट को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
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- अभिषेक राठौर, सीईओ, कैंट क्लेमेंटटाउन, लंढौर

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