83 वर्षों से देश की सेवा कर रही अकादमी
अकादमी के निदेशक भारत ज्योति ने कहा कि यह संस्थान पूर्व में इंडियन फॉरेस्ट कॉलेज और अब इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के रूप में पिछले 83 वर्षों से देश की सेवा कर रहा है। स्वतंत्र भारत के समस्त भारतीय वन सेवा अधिकारियों और 14 मित्र राष्ट्रों के 363 वन अधिकारियों ने अब तक इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाले ऑफिसर्स को पुरस्कृत किया गया। यूपी कैडर की मृदुला सिंह बैच की टॉपर रहीं। विशिष्ट अतिथि भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के महानिदेशक अरुण सिंह रावत रहे।
यह रहे टाॅपर्स
आल राउंड आउट स्टैंडिंग परफॉर्मेंस- मृदुला सिंह- यूपी कैडर
बेस्ट आल राउंड फाॅरेस्टर- गुरहर्ष सिंह- हिमाचल कैडर
टापर इन कोर फाॅरेस्ट्री सब्जेक्ट्स- निधि चौहान- मध्यप्रदेश कैडर
पी श्री निवास मेमोरियल प्राइज- निधि चौहान-- मध्यप्रदेश कैडर
संजय सिंह मेमोरियल प्राइज- मृद़ला सिंह-यूपी कैडर
इन्हें भी मिले अवाॅर्ड
सूरज बेन केआर- केरल कैडर
तपस मिहिर-यूपी कैडर
सोनम-भूटान
राहुल झाझरिया- राजस्थान कैडर
अनुराग आर्या-जम्मू-कश्मीर
मैं लखनऊ की रहने वाली हूं, उप्र कैडर मुझे मिला है। यहां पर दो साल में काफी कुछ सीखने को मिला। पूरे देश भ्रमण कराया गया, इससे सोचने का नजरिया काफी विस्तृत हुआ है।
- मृदुला सिंह, ओवरऑल टाॅपर
मैं राजस्थान से हूं और मुझे मध्यप्रदेश कैडर आवंटित हुआ है। दीक्षांत समारोह में मुझे टाॅपर इन कोर फारेस्ट्री सब्जेक्ट्स के अलावा पी श्री निवास मेमोरियल प्राइज मिला है। मैं क्लाइमेट चेंज के विशेषज्ञता के लिए काम करना चाहती हूं।
-निधि चौहान, मध्यप्रदेश कैडर
ट्रेनिंग में पर्यावरण संरक्षण के साथ ही हमने प्रदूषण को कैसे कम किया जाए इस पर काफी काम किया। हाॅस्टल में हम लोगों ने खुद की नर्सरी बनाकर प्रकृति से नजदीकी बनाई। देशभर में घूमकर वानिकी रिलेटेड टूल्स को नजदीक से जाना। हिमाचल प्रदेश का रहने वाला हूं और हिमाचल कैडर ही आवंटित हुआ है।
गुरहर्ष सिंह, हिमाचल कैडर