प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अली अब्बास जफर ने डिजिटल मीडिया के लिए गाइड लाइन बनाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर काम करने वालों को बढ़ावा मिलेगा। कंटेट को लेकर फिल्म उद्योग का डर भी कम होगा।
देहरादून निवासी निर्देशक ने कहा कि सरकार ने आखिरकार डिजिटल मीडिया के लिए गाइडलाइन और कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने का फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि इससे तमाम सोशल मीडिया के साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म भी नियमों के अधीन आएंगे। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो सकेगा कि क्या कंटेट दिखाया जा सकता है।
उन्होंने हाल ही में रिलीज अपनी वेब सीरीज तांडव का भी जिक्र किया। जफर ने कहा कि उन्होंने बहुत मेहनत से सीरीज बनाई। लेकिन कुछ लोगों ने इसके कंटेंट को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और उस विवादित सीन को हटा भी दिया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति इसलिए आई क्योंकि हमारे पास कोई नियमावली नहीं थी। किसी भी फिल्म निर्देशक को यह पता नहीं था कि उसकी सीमा कहां तक है।
उन्होंने कहा कि अब नियमावली आने के बाद प्रत्येक निर्देशक उसी के अनुरूप काम करेगा। इससे अनावश्यक विवाद, लोगों के विरोध और मुकदमेबाजी में भी कमी होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भी तारीफ की। जफर ने कहा कि सरकार ने अच्छा कंटेट तैयार करने वालों को साथ रहने का भरोसा भी दिया है।
केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देश से सोशल मीडिया, ओवर द टॉप यानी ओटीटी और डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स का बेहतर नियमन हो सकेगा। मंत्रियों और सरकार की बात मानी जाए, तो नए नियम जादू का पिटारा साबित हो सकते हैं। संविधान सभा की बहस में यह बात विस्तार से आई थी, कि कानून से ज्यादा, उनके इस्तेमाल की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। नए नियमों से आम जनता को पूरा फायदा मिले, इसके लिए कुछ बुनियादी बातें समझना जरूरी है।