पहले भी विवादों में रह चुके हैं नशा मुक्ति केंद्र
शहर के नशा मुक्ति केंद्र लंबे समय से विवादों में हैं। तीन साल पहले राजपुर क्षेत्र स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र से 18 लोग भाग गए थे। इसके बाद पिछले साल क्लेमेंटटाउन स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र से 17 युवक भागे थे। कुछ दिन बाद इसी क्षेत्र के एक नशा मुक्ति केंद्र में युवतियों के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया। संचालकों पर मुकदमा दर्ज हुआ और केंद्र को बंद कराया गया। इसी साल जनवरी में नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पता चला कि उसकी हत्या की गई थी। इस मामले में छह संचालकों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया।
निरीक्षण पर निरीक्षण फिर भी बेलगाम हैं केंद्र
क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्रों से युवकों के भागने और युवतियों के साथ छेड़खानी की बात सामने आने पर जांच शुरू हुई। पता चला कि सभी केंद्रों में प्रताड़ना से परेशान थे। प्रशासन ने शहर के तमाम नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया। पता चला कि कहीं डॉक्टरों की सुविधा नहीं है तो कहीं साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है। काउंसलिंग के लिए भी वहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। यही नहीं पुलिस-प्रशासन के रिकॉर्ड में भी इन नशा मुक्ति केंद्रों का ब्योरा नहीं है। इस पर शासन में इनकी नियमावली बनाने पर जोर दिया गया, लेकिन अभी तक नियमावली के संबंध में कोई आदेश निर्देश जारी नहीं हुए हैं।