एक साल पूर्व डीएम ने जारी किया था एसओपी
नशा मुक्ति केंद्रों में कई घटनाएं सामने आने के बाद तत्कालीन डीएम ने 13 नवंबर 2021 को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया था। जिसमें केंद्रों का रजिस्ट्रेशन क्लीनिकल एस्टेब्लिसमेंट एक्ट एवं हेल्थ केयर एक्ट 2017 के तहत करने से लेकर तमाम व्यवस्थाएं लागू करने के लिए कहा गया था, लेकिन आज तक यह एसओपी जारी नहीं हो पाई। इस बाबत सीएमओ कार्यालय की ओर से जवाब दिया गया कि एसओपी जारी होने के बाद केंद्रों द्वारा हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। जिसमें हाईकोर्ट ने केंद्रों को संचालन करने के लिए शिथिलता दी गई। मामला हाईकोर्ट में होने पर आज तक किसी भी नशा केंद्र पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
नशा मुक्ति केंद्रों में हाल ही में हुई घटनाएं
- 24 अक्टूबर को रिस्पना पुल के पास लाइफ केयर फाउंडेशन रिहैब सेंटर में भर्ती युवक की मौत।
- पांच अगस्त को क्लेमेंटटाउन के प्रकृति विहार स्थित नशा मुक्ति केंद्र के संचालक पर दुष्कर्म का आरोप।
- 23 अगस्त को वसंत विहार स्थित जीवन परिवर्तन नशा मुक्ति से 12 युवक फरार।
- बिष्ट गांव स्थित जागृति फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में मरीज की मौत, शव बाथरूम में फंदे से लटका मिला
नशा मुक्ति केंद्रों की आड़ में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। लोग प्रताड़ित हो रहे, जो एक गंभीर विषय है। केंद्रों का पंजीकरण जरूरी है, जिससे पारदर्शिता रहे। विभाग की लापरवाही से एसओपी अस्तित्व में नहीं आ पाया, जो गंभीर विषय है। केंद्रों के लिए एसओपी जल्द लागू होनी चाहिए।
- शिवा वर्मा, अधिवक्ता, हाईकोर्ट नैनीताल