कार का शीशा बंद था या खुला, पता नहीं
जिस जगह कार खड़ी थी, वहां से संजीत का घर भी पास में है। रात में राजेश और उसके अन्य दोस्त संजीत को कार में छोड़कर चले गए। लेकिन, यह किसी को ध्यान नहीं है कि उन्होंने कार लॉक की थी या नहीं। सुबह जब देखा तो चालक की तरफ वाली खिड़की का कांच थोड़ा खुला हुआ था। पुलिस इस आधार पर भी जांच कर रही है।
बंदूक को गन हाउस में कराना था जमा
जो बंदूक कार में मिली है वह राजेश चौहान की है। राजेश ने पुलिस को बताया कि बंदूक काफी पुरानी है। इसके बदले वह नई बंदूक लेने वाले थे। ऐसे में इस बंदूक को गन हाउस में जमा कराने जा रहे थे। लेकिन, उन्होंने शराब इतनी पी ली कि यह काम भी भूल गए। अनजाने में रात में ही बंदूक को कार में ही छोड़ दिया।