बीएलओ की संस्तुति पर उठे सवाल
सुबेदा के मामले ने जांच को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। सुबेदा ने कबूला है कि उसका वोटर कार्ड स्थानीय बीएलओ की संस्तुति पर बना है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामून और बबली बेगम के मामलों में भी यह सवाल उठा था कि आखिर बिना किसी पुख्ता दस्तावेज के स्थानीय स्तर पर इन विदेशी नागरिकों का सत्यापन कैसे हो जाता है। आशंका जताई जा रही है कि संबंधित विभागों के कुछ कर्मचारी इस सिंडिकेट के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जो बाहरी घुसपैठियों को पते का सत्यापन और नाम बदलने में मदद करते हैं।
तहरीर में नामजद आरोपियों की तलाश तेज
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पटेलनगर पुलिस ने सुबेदा के पास से मिले बांग्लादेशी भाषा के पहचानपत्र और अन्य फर्जी दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है। पुलिस की एक टीम रुड़की में अजीत की तलाश में लगाई गई है। यह पता लगाया जा रहा है दोनों सीएससी सेंटर से अब तक कितने और बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिक बनाया है। उनके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सुबेदा के पास से प्रिया रॉय व मोनी नाम से वोटर कार्ड, पैन और आधार कार्ड मिले। बता दें कि दून में अब तक 20 बांग्लादेशी नागरिक रडार पर आ चुके हैं। इनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि फर्जी दस्तावेज बनाने वाले 10 आरोपियों को जेल भेजा गया है।