मरीजों को नीचे भेजा गया
चश्मदीदों के मुताबिक, जो मरीज काउंटर के बाहर पंजीकरण के लिए खड़े हुए थे, उन्हें आग लगने के बाद फौरन नीचे भेज दिया गया। साथ ही अन्य मरीजों की भी उस क्षेत्र में आवाजाही बंद कर दी गई। घटना के समय अस्पताल में एक हजार से भी अधिक मरीज मौजूद थे।
अस्पताल में आग लगने की पहले भी हो चुकीं घटनाएं
दून अस्पताल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले कई बार आग लग चुकी है। पिछले दिनों अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में आग लग गई थी जिसमें कई मशीनें जल गईं थीं। इसके अलावा हाल ही में पुरानी बिल्डिंग के पास स्थित कैंटीन के अंदर भी आग लग गई थी। कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर आग बुझाया थी। यही नहीं अस्पताल में छह माह के भीतर दस से भी अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
आग की सूचना मिलने के बाद जल्द ही फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पा लिया था। घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अस्पताल में बिजली के सभी वायर की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज