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सीबीआई ने बीस करोड़ के लोन घोटाले में दर्ज किया मुकदमा, बैंक अफसरों, वकीलों और कारोबारियों को बनाया आरोपी  

Thu, 03 Sep 2020 01:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media
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आगरा में बैंक के वकीलों, दलालों और कथित कारोबारियों की मिलीभगत से हुए बैंक घोटाले में सीबीआई देहरादून शाखा में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामला पीएनबी आगरा के सूर्यनगर ब्रांच में दो लोगों द्वारा लिए 20 करोड़ रुपये के लोन घोटाले का है। लोन उस उन संपत्तियों को बंधक रखकर लिए गए थे जो पहले ही बिक चुकी थीं। बताया गया कि सीबीआई जल्द ही इसमें बड़ी कार्रवाई कर सकती है। मुकदमों की पुष्टि सीबीआई देहरादून (एन्टी करप्शन ब्रांच) के एसपी पीके पाणिग्रही ने की है।     

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जानकारी के अनुसार इस मामले में पीएनबी के चीफ मैनेजर नितिन कुमार पांडेय ने लखनऊ सीबीआई को अगस्त में  45-45 पन्नों की बैंक घोटाले से जुड़ी शिकायत दी। सीबीआई ने इसकी जांच की तो मामला सही पाया गया। इस पर सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर लखनऊ ने देहरादून ब्रांच को प्रकरण की जांच और मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

शिकायत के अनुसार टाइल्स कारोबारी दीपक कालरा ने पीएनबी सूर्यनगर शाखा आगरा में 10 करोड़ के सीसी लोन को आवेदन किया। पैनल वकील अनिल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार शर्मा (दोनों सिविल कोर्ट गाजियाबाद), रमेशचन्द्र जैन आरसी जैन एंड एसोसिएट, नेहरूग्राम गाजियाबाद, एमएस अशोक सेनेटरी, बैंक अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मिलकर बैंक लोन फाइनल किया गया था।
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इसी तरह मोनिका रानी, निवासी संतनगर दिल्ली ने भी अपनी फर्म के नाम पर 2017 में 10 करोड़ का सीसी लोन लिया। इसमें भी अज्ञात बैंक अधिकारी और कर्मचारी, पीएनबी बैंक सूर्यनगर ब्रांच दीवानी चौराहा आगरा उत्तरप्रदेश, राजीव मेहता, गारंटर सदर बाजार, करनाल हरियाणा, अनिल कुमार शर्मा बैंक पैनल वकील, सिविल कोर्ट परिसर राजनगर, गजियाबाद, हरिप्रिया एसोसिएट्स, गुरुनानकपुर दिल्ली, इंजीनियर वीरेंद्र प्रसाद सिंह, पैनल वैल्यूर से मिलीभगत कर 2018 में 10 करोड़ लोन प्राप्त किया।

इन दोनों नहीं जब लोन की किस्त अदा नहीं की तो बैंक में पड़ताल की पड़ताल में पाया गया कि जिन संपत्तियों को लोन लेने के लिए बंधक रखा गया है वह पहले ही बिक चुकी है इसके बाद चीफ मैनेजर ने इस मामले की जांच की और रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी। इन सभी के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जांच इंस्पेक्टर सुनील कुमार लखेड़ा और इंस्पेक्टर प्रशांत कांडपाल को सौंपी गई है।

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