राजधानी देहरादून के एक मठ में बच्चों से मारपीट का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को 39 बच्चे अपने घर नेपाल लौट गए। उनके लौटने से पहले बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने उनकी काउंसिलिंग की। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि बिना किसी तनाव के वे अपने घर जाएं।
यदि वे सोचते हैं कि मठ में रहकर अच्छा पढ़ सकते हैं तो लौटकर आएं। लेकिन जहां कही भी रहें पढ़ाई बीच में न छोड़े। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि बच्चों के नामों की सूची तैयार कर नेपाल एंबेसी को इसकी सूचना दी गई है। भारतीय दूतावास को भी इस बारे में बताया गया है।
इसके अलावा डीएम चंपावत और पिथौरागढ़ को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को सुरक्षित सीमा पार नेपाल जाने दिया जाए। बाल आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के साथ तीन शिक्षक भी गए हैं। बताया कि पिछले पांच साल से बच्चे अपने घर नहीं जा पा रहे थे। मारपीट प्रकरण के बाद चार बच्चे पहले ही नेपाल पहुंच गए थे।