बता दें कि एसीसी के जरिए चयनित कैडेट तीन साल की ग्रेजुएशन डिग्री के साथ शुरुआती सैन्य प्रशिक्षण पूरा करते हैं, उसके बाद चौथे वर्ष में आईएमए के कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं। अपनी अंतिम ट्रेनिंग पूरी करके पास आउट होते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान पहले भी दम तोड़ चुके हैं कैडेट्स
आईएमए में इससे पहले भी सैन्य प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले अगस्त 2017 में दो कैडेट ने 10 किलोमीटर की दौड़ के दौरान दम तोड़ दिया था। साल 2019 में लांघा रोड के पास एक कैडेट रात के नेविगेशन प्रशिक्षण के दौरान एक गहरी खाई में गिरने की वजह से मृत पाए गए।