देहरादून की यातायात की समस्या में किस तरह सुधार हो सकता है?
शहर में यातायात जाम एक बड़ी समस्या है। इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने की जरुरत है। इसमें जनता से आने वाले सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। देहरादून शहर और ऋषिकेश में जगह की सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में यहां के लिए एक इंजीनियरिंग सोच के साथ सुधार किया जाएगा। बहुत से ऐसे बोटलनेक हैं जिनके बारे में पुलिस के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
आपने जनता दरबार का नाम बदला है इसके पीछे कारण?
प्रशासनिक अमला जनता की सेवा के लिए होता है। हमें ध्यान रखना होगा कि जब कोई अपनी समस्या लेकर आता है तो उसकी अपेक्षा त्वरित समाधान की होती है। उन्हें एक ऐसा माहौल मिले जिससे वह अपनी बातों को विस्तार से कह सके और अधिकारी उन्हें सुन सके। जनता याची की तरह नहीं लगनी चाहिए। यही मेरी सोच है कि इसे अब समाधान दिवस के रूप में आयोजित किया जाए। इसी मौके पर लैंड फ्रॉड की समस्याओं को हल करने के लिए एक स्पेशल सेल गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि लोगों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जा सके।
प्राथमिकताओं में आप और किन-किन बातों को रखते हैं?
जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जनता को सहूलियत मिले। इसके लिए पेयजल, ड्रेनेज सिस्टम, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी पर फोकस रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह दूरस्थ क्षेत्रों की एक सूची तैयार करें जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा शिक्षा में भी जो बच्चे कठिनाईयों से जूझकर स्कूल जाते हैं उन्हें भी चिह्नित किया जाए। ताकि इन क्षेत्रों में सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा सके।
देहरादून की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए क्या किया जा सकता है?
यहां की अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट और पर्यटन मुख्य रूप से शामिल हैं। इसमें भी सबसे महत्वपूर्ण हैं वे लोग जो बाहर से आकर यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का काम करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें एक ऐसा आधारभूत ढांचा दिया जाए जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिले। ऐसे में उन लोगों को सोशल वेलफेयर की योजनाओं से लाभान्वित करना होगा। पर्यटन क्षेत्र की जो योजनाएं हैं उनका लोगों को सीधे-सीधे लाभ मिले इस पर भी विशेष फोकस रहेगा।