देहरादून नगर निगम में कूड़ा कलेक्शन में लगे वाहन फर्राटा नहीं भर सकेंगे। निर्धारित से अधिक स्पीड बढ़ाने पर वाहन की स्टेयरिंग लॉक हो जाएगी। इतना ही नहीं वाहन के निगम क्षेत्र से बाहर जाने पर भी नोटिफिकेशन आ जाएगा।
कूड़ा उठान में लगे बड़े वाहनों की स्पीड लिमिट जहां 30 किलोमीटर प्रतिघंटा है। वहीं, छोटे वाहनों की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित की गई है।
निगम ने करीब 70 वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाकर उन्हें ‘ट्रैक’ एप से जोड़ा है। जिसके चलते कूड़ा कलेक्शन में लगे वाहन लापरवाही नहीं बरत सकेंगे। नगर निगम ने जनवरी में सफाई व्यवस्था को चुस्त रखने के लिए ‘ट्रैक’ ऐप बनाया था। जिसके बाद इस व्यवस्था का ट्रायल लिया गया।
शुरुआत में करीब 22 वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए गए थे। प्रयोग सफल रहने के बाद शेष 50 वाहनों में भी जीपीएस ट्रैकर लगाए गए। इन वाहनों पर निगम के स्वास्थ्य महकमे के साथ ही नगर आयुक्त भी नजर रख रही हैं। ऐसे में जो भी वाहन चालक लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
पहले भी लगाए थे जीपीएस ट्रैकर
नगर निगम ने करीब तीन साल पहले 50 वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए थे। जो छह महीने में ही खराब हो गए। बताया जाता है कि कुछ वाहनों के जीपीएस सिस्टम खुद खराब हो गए थे। वहीं, कुछ को ड्राइवरों ने खराब कर दिया। ऐसे में यह व्यवस्था को सुचारु रखना बड़ी चुनौती है।
ट्रायल सफल रहने के बाद व्यवस्था लागू कर दी गई है। कूड़ा उठान में जो भी लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रवनीत चीमा, नगर आयुक्त