मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से बने अस्पताल में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। लोगों को लंबे समय से इस अस्पताल के शुरू होने की प्रतीक्षा थी जो अब खत्म हो गई है। इसके अलावा देहरादून-मसूरी रोपवे की सौगात जल्द दी जाएगी। इसके निर्माण पर करीब 300 करोड़ की लागत आएगी। रोपवे निर्माण फ्रांस की कंपनी पोमा कर रही है।
इस रोपवे को जोलीग्रांट एयरपोर्ट और देहरादून रेलवे स्टेशन से भी जोड़े जाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। जिससे देश-विदेश से मसूरी से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों। उन्होंने बताया कि हाथीपांव सड़क को स्वीकृति दे दी गई है।
चामासारी मार्ग पर भी जल्द फारेस्ट की अड़चन को दूर कर लिया जाएगा। सीएम ने बताया कि मसूरी में पीपीपी मोड पर हाईटेक पार्किंग के लिए कार्य किया जा रहा है। मसूरी में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार से मसूरी-यमुना पेयजल योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही इसकी वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी। जिसके बाद जल्द ही इस पेयजल योजना का काम शुरू हो जाएगा। इसकी लागत करीब 500 करोड़ आएगी।