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सीएम ने किया रोपवे का शिलान्यास, अब मात्र 12 मिनट में पहुंचेंगे देहरादून से मसूरी 

Thu, 07 Mar 2019 10:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मसूरी
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
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देहरादून से मसूरी तक का दीदार अब आप रेपवे से कर सकेंगे। मसूरी तक पहुंचने में उत्तराखंड परिवहन बस से एक से सवा घंटा लगता है। सीजन में मसूरी पहुंचने के लिए पर्यटकों को मार्ग पर घंटो जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। यह दूरी करीब 35 किमी है।

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जो रोपवे से मात्र 10 से 12 मिनट में तय की जा सकेगी। करीब 300 करोड़ की लागत से देहरादून के पुरुकुल गांव से मसूरी के निकट गांधी चौक बस स्टेंड तक साढ़े पांच किमी लंबे रोपवे का बुधवार को सीएम ने शिलान्यास किया है। यह रोपवे विश्व का पांचवां सबसे लंबा रोपवे होगा।

जिसमें एक समय में करीब 1200 लोग आवागमन कर सकेंगे। रोपवे से समय की बचत तो होगी ही साथ ही सैलानी दून घाटी के विहंगम नजारों को भी देख सकेंगे। पहले रोपवे का मुख्य पड़ाव जॉर्ज एवरेस्ट किया गया था, लेकिन अब इसे सीधे देहरादून से मसूरी किया गया है। साथ ही यहां पार्किंग की समस्या से भी रूबरू होना पड़ता है। इस समस्या से भी निजात मिल सकेगी। 
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वहीं, बहुप्रतीक्षित सिविल अस्पताल की सौगात मिलने से नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों सहित पर्यटकों को अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सिविल अस्पताल का लोकार्पण किया। इसके अलावा नगर पालिका परिसर में निर्माणाधीन टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देहरादून-मसूरी रोपवे का भी शिलान्यास किया।
 

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मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से बने अस्पताल में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। लोगों को लंबे समय से इस अस्पताल के शुरू होने की प्रतीक्षा थी जो अब खत्म हो गई है। इसके अलावा देहरादून-मसूरी रोपवे की सौगात जल्द दी जाएगी। इसके निर्माण पर करीब 300 करोड़ की लागत आएगी। रोपवे निर्माण फ्रांस की कंपनी पोमा कर रही है। 

इस रोपवे को जोलीग्रांट एयरपोर्ट और देहरादून रेलवे स्टेशन से भी जोड़े जाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। जिससे देश-विदेश से मसूरी से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों। उन्होंने बताया कि हाथीपांव सड़क को स्वीकृति दे दी गई है।

चामासारी मार्ग पर भी जल्द फारेस्ट की अड़चन को दूर कर लिया जाएगा। सीएम ने बताया कि मसूरी में पीपीपी मोड पर हाईटेक पार्किंग के लिए कार्य किया जा रहा है। मसूरी में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार से मसूरी-यमुना पेयजल योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही इसकी वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी। जिसके बाद जल्द ही इस पेयजल योजना का काम शुरू हो जाएगा। इसकी लागत करीब 500 करोड़ आएगी। 
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