ड्रोन-सैटेलाइट से पकड़े जाएंगे अवैध निर्माण
अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। जीआईएस, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से प्राधिकरण क्षेत्रों की निगरानी मजबूत की जाएगी। इससे निर्माण गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और अनधिकृत निर्माण की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय रहते कार्रवाई संभव होगी। प्रत्येक प्राधिकरण में जियो-इन्फॉर्मेशन आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
नक्शों से आगे समग्र विकास की जिम्मेदारी
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि विकास प्राधिकरणों की भूमिका केवल नक्शे पास करने या निर्माण संबंधी कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शहरों के समग्र विकास में प्राधिकरणों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। सड़क, पार्किंग, हरियाली, सार्वजनिक सुविधाओं और नियोजित विस्तार को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।