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देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल: नए लेखकों का भी होगा आगाज, साहित्य की गंगा से फूटेंगी ‘नई धाराएं’ 

Mon, 07 Oct 2019 10:54 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार साहित्य के वृक्षों की छांव में कुछ नए अंकुर भी फूटेंगे। तीन दिवसीय इस सम्मेलन के मंच ने नए और स्थानीय लेखकों की कई कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा। लेखकों की इन कृतियों पर विभिन्न सत्रों में परिचर्चा भी होगी। इस आयोजन का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है।

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दून इंटरनेशनल स्कूल रिवरसाइड कैंपस में 11 से 13 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन कुल छह सत्र आयोजित किए जाएंगे। दूसरे सत्र में शाम चार से 4.45 बजे तक प्रख्यात लेखक रस्किन बॉन्ड के हाथों अशानी तनेजा को अवार्ड प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उनकी पुस्तक बैड ब्लड फ्रेनेमीज का विमोचन भी किया जाएगा।

चौथे सत्र (शाम 5.30 से 6.30 बजे) धैर्य अरोड़ा की पुस्तक ऐवरीवन हैज ए मिथ टू टेल का विमोचन होना है। इसके अलावा दूसरे दिन चौथे सत्र (11 से 12 बजे) के बीच लोकेश ओहरी की पुस्तक टिल किंगडम कम का विमोचन किया जाएगा। महासु देवता की शौर्यगाथा पर आधारित इस पुस्तक पर विस्तृत चर्चा भी की जानी है। 
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पहले दिन उद्घाटन के बाद पद्मभूषण रस्किन बॉन्ड स्कूली बच्चों से संवाद करेंगे। रस्किन बॉन्ड का ज्यादातर लेखन बच्चों के लिए ही है। जो बच्चे उनसे बातचीत करना चाहते हैं, जिसका उन्हें भरपूर अवसर मिलेगा। अगला सत्र भी पूरी तरह से युवाओं के लिए समर्पित रहेगा। अंतिम दिन कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने पर परिचर्चा होगी। इसमें तत्कालीन आर्मी चीफ जनरल (सेवानिवृत्त) वीपी मलिक, ब्रिगेडियर ओपी यादव और लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक किनी भी शिरकत करेंगे।

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