बृजभूषण का यह घर काफी पुराना और टूटा फूटा है। यहां कुछ पुराने संदूक रखे हैं और एक कोने में पुराने स्टोव का ढेर है। जिस कमरे में बुजुर्ग का शव मिला, वह भी बेहद छोटा और संकरा है। वहां किसी मूल्यवान वस्तु के होने की संभावना नहीं है। लिहाजा, लूट और चोरी का पहलू शुरूआत से ही कमजोर लग रहा है।
कुछ साल पहले हुए थे गिरफ्तार
बुजुर्ग को पुलिस ने एक मामले में कुछ साल पहले गिरफ्तार भी किया था। उनके पुत्र परिवार के साथ अलग रहता है। बुजुर्ग का पोता मर्चेंट नेवी में काम करता है। आसपास के लोगों से भी वे कभी बात नहीं करते थे। हालांकि, बहुत से लोगों का उनके घर में रोज आना जाना लगा रहता था, जो पड़ोसियों के लिए अनजान थे।
इन दिशाओं में चली पुलिस की जांच
- बुजुर्ग के हाथ बंधे तो थे लेकिन बहुत ढीले थे।
- शव जिस जगह पड़ा हुआ था वहां फर्श टूटा था। यदि पलंग से नीचे गिरते तो कहीं न कहीं खरोच जरूर होती।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में न तो मौत का कारण दम घुटना आया और न ही गला घोंटना। कारण स्पष्ट ही नहीं हैं।
- घर में कोई कीमती सामान न तो पड़ा हुआ था और न ही कुछ गायब होने के कोई प्रमाण मिले हैं।
- शव के पास कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी पड़ी हुई थी। यह जांच में एक अहम बिंदु साबित हुई।
पोस्टमार्टम के आधार पर डॉक्टरों ने जो रिपोर्ट दी है उससे यह सामान्य मौत है। पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की थी। जिसके आधार पर देर रात इस बात के सुबूत भी मिल गए हैं कि बुजुर्ग की मौत सामान्य ही है। लेकिन, विसरा संरक्षित कर लिया गया है।
- अरुण मोहन जोशी, डीआईजी, देहरादून